सफलता के लिये सतत प्रयास ज़रूरी - जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा

भोपाल जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज मंडीदीप में गिरधर ग्रुप ऑफ इन्सटीट्यूशन्स के 27वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस कुम्भ में कहा कि कोशिश करने वालों को सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने बाल वैज्ञानिकों को बताया कि नेहरू जी विज्ञान के विद्यार्थी नहीं थे इसके बावजूद भी उन्होंने देश में विज्ञान के मजबूत आधार स्तम्भ स्थापित किए। राज्य शासन नवाचार करने वाले विद्यार्थी वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही है।
 राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय कुलपति डॉ. सुनील कुमार ने बाल वैज्ञानिकों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग स्वयं और दूसरों को न करने देने का आव्हान किया। इस अवसर पर मृदा एवं भूमि उपयोग मंत्रालय वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्रोफेसर और बाल वैज्ञानिक मौजूद थे।


 


जनगणना-2021 में उपलब्ध होगा रियल टाइम डाटा



भोपाल आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालक श्री संजीव सिंह ने आज अकादमी मेंजनगणना-2021 के लिये मास्टर ट्रेनर्स के अंतिम दौर के प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जनगणना-2021 पहले हुई जनगणनाओं से भिन्न है। इस बार जनगणना कार्य में आधुनिक तकनीकी का भरपूर उपयोग किया जा रहा है। इसलिये इसे डिजिटल जनगणना भी कहा जा सकता है।
 श्री संजीव सिंह ने कहा कि जनगणना-2021 का कार्य मिक्स मोड एप्रोच यथा मोबाइल एप एवं पेपर मोड द्वारा किया जाएगा। सभी कार्य के निरंतर पर्यवेक्षण एवं प्रगति की मॉनिटरिंग के लिये सेनसेस मैनेजमेंट एण्ड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएमएस) पोर्टल तैयार किया गया है। इसके जरिये जनगणना के सभी कार्य की प्रत्येक स्तर पर रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि जनगणना के दोनों चरण में एप के माध्यम से किये गए डाटा कलेक्शन से त्वरित रूप से आँकड़े उपलब्ध हो पाएंगे। इन आंकड़ों का विश्लेषण एवं बहुआयामी उपयोग किया जा सकेगा।
 उप रजिस्टार जनगणना श्री ए.के. सक्सेना ने बताया कि जनगणना-2021 का कार्य दो चरण में पूर्ण किया जाएगा। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना तथा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के अद्यतीकरण का कार्य अप्रैल से सितम्बर 2020 के बीच राज्य शासन द्वारा निर्धारित कुल 45 दिनों में होगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना का काम 9 से 28 फरवरी 2021 के बीच किया जाएगा।
 अकादमी के कोर्स डायरेक्टर श्री प्रमोद चतुर्वेदी ने बताया कि मास्टर ट्रेनर्स का यह 6 दिवसीय प्रशिक्षण 7 दिसम्बर तक चलेगा। इसमें 58 ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम् संभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पिछला प्रशिक्षण 18 से 23 नवम्बर तक आयोजित किया गया था, जिसमें 56 मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षित हुए। पिछले प्रशिक्षण में 6 संभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
 प्रशिक्षित 114 मास्टर ट्रेनर्स द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में लगभग 2850 फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित जाएगा। इसके बाद फील्ड ट्रेनर्स द्वारा लगभग एक लाख 74 हजार 221 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षक को प्रशिक्षण दिया जाएगा। नई दिल्ली में प्रशिक्षित कुल 5 नेशनल ट्रेनर्स भी प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थियों की शंका एवं संशय को दूर करने में अपना योगदान देंगे।
 प्रशिक्षण की शुरूआत में गुजरात में पदस्थ नेशनल ट्रेनर श्री जी.एल.मीना की दुर्घटना में अकस्मात मृत्यु हो जाने के कारण एक मिनिट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।